गुरुकुलीय शिक्षा व्यवस्था

पाठ्यक्रम एवं अध्ययन व्यवस्था

अनुशासन, संस्कृत शिक्षा, वैदिक अध्ययन और आधुनिक विषयों के समन्वय से विकसित गुरुकुलीय जीवन-पद्धति।

पाठ्यक्रम

अध्ययन काल

एक बार गुरुकुल में प्रवेश हो जाने के बाद प्रायः दश वर्ष का अध्ययन काल है। इस सुदीर्घ काल के बीच अतीव आवश्यकता होने पर (तद्यथा—अपने सहोदर भाई या बहन के विवाह प्रसंग या परिवार के निकट सम्बन्धी की मृत्यु आदि के अवसर पर ही गृह-गमन का अवकाश मिलता है। वार्षिक अवकाश देने का प्रावधान नहीं है।

लगभग 10 वर्ष गुरुकुलीय अध्ययन अवधि
गुरु एवं विद्यार्थी
गुरु-शिष्य परम्परा एवं संस्कारमय शिक्षा
गुरुकुल परिवार

शिक्षकगण

आचार्यों के मार्गदर्शन में संस्कृत एवं भारतीय ज्ञान परम्परा का अध्ययन।

आचार्य ज्ञान निष्ठ आर्य
01

आचार्य ज्ञान निष्ठ आर्य

प्राचार्य एवं संस्कृत व्याकरण अध्यापन

संस्कृत व्याकरण
आचार्य रंजीत जी
02

आचार्य रंजीत आर्य

संस्कृत साहित्य

संस्कृत साहित्य
आचार्य ओम जी
03

आचार्य ओम आर्य

संस्कृत व्याकरण

संस्कृत व्याकरण
प्रवेश प्रक्रिया

प्रवेशपात्रता

स्कूल में पांचवीं कक्षा उत्तीर्ण कर लेने वाले छात्रों को प्रति वर्ष मई मास के अन्तिम दिनों में होने वाले वार्षिकोत्सव पर लिखित तथा मौखिक परीक्षा लेकर, संतोषकारक परिणाम प्राप्त होने पर गुरुकुल में प्रविष्ट किया जाता है।

कक्षा 5 उत्तीर्ण लिखित परीक्षा मौखिक परीक्षा
शैक्षणिक व्यवस्था

अध्ययन-अध्यापन के विषय

मुख्यरूप से संस्कृत भाषा, संस्कृत भाषा का व्याकरण, निरुक्त तथा आंशिक रूप में वेद, उपनिषद् एवं दर्शनशास्त्र के अध्यापन के साथ-साथ गणित, विज्ञान, इतिहास-भूगोल तथा अंग्रेजी भाषा आदि विषय पढ़ाये जाते हैं। साथ ही कम्प्यूटर की भी शिक्षा दी जाती है।

संस्कृत व्याकरण वेद दर्शन गणित विज्ञान इतिहास-भूगोल कम्प्यूटर
गुरुकुल व्यवस्था

शुल्क विवरण

वार्षिक शुल्क

विद्यार्थियों के लिए शुल्क संबंधी विवरण

01

कक्षा ६ से १०

पूरा वार्षिक शुल्क

₹18,000प्रति वर्ष
02

कक्षा ११ एवं १२

अध्ययन को प्रोत्साहित करने हेतु 75% शुल्क

₹11,250प्रति वर्ष
03

शास्त्री कक्षाएँ

अध्ययन को प्रोत्साहित करने हेतु 50% शुल्क

₹7,500प्रति वर्ष

जो छात्र शास्त्री कक्षा तक पूर्ण अध्ययन नहीं करता है और बीच की कक्षाओं से गुरुकुल छोड़कर जाता है, उससे शुल्क पूरा लिया जाता है।

गुरुकुल जीवन

छात्रों की दिनचर्या

अनुशासन, अध्ययन, व्यायाम, यज्ञ एवं आत्मनिरीक्षण से युक्त दैनिक जीवन।

4:30 AM
01

जागरण प्रातःकाल

4:35 – 4:45 AM
02

प्रार्थना

4:45 – 6:15 AM
03

व्यायाम आदि

6:15 – 7:00 AM
04

स्वाध्याय

7:00 – 8:00 AM
05

सन्ध्या – हवन

8:00 – 8:30 AM
06

प्रातःराश

8:35 – 11:45 AM
07

विद्यालय – अध्ययन

12:00 – 12:30 PM
08

मध्याह्न भोजन

12:30 – 1:30 PM
09

विश्राम

1:30 – 4:30 PM
10

अध्ययन का मध्याह्नोत्तर

4:30 – 6:00 PM
11

खेल तथा सेवाकार्य

6:30 – 7:15 PM
12

सायंकालीन सन्ध्या – हवन

7:15 – 8:00 PM
13

भोजन तथा भ्रमण

8:00 – 9:30 PM
14

स्वाध्याय कार्य तथा आत्मनिरीक्षण

9:30 PM – 4:30 AM
15

शयन