विवेक तथा वैराग्य में निरत रहकर एकान्तिक तप साधना
प्राचीन मिथिला राज्य के मधुबनी जिले में आर्य समाज बड़ा बाजार कलकत्ता के अधिकारियों की विशेष प्रेरणा से तथा आर्य समाज कोलकाता, हावड़ा सहित सभी आर्य समाज के सहयोगियों के सहयोग से वेद प्रचार का परम पुनीत कार्य जनवरी 1991 से प्रारंभ हुआ।
मधुबनी जिले के विद्यालयों को प्रचार का मुख्य केंद्र बनाकर लगातार वेद प्रचार किया गया। इसी क्रम में स्थानीय गणमान्य महानुभावों के सहयोग एवं अथक परिश्रम के पश्चात् 27 मई 1995 को छपराढ़ी ग्राम में तीन दिवसीय गुरुकुल स्थापना समारोह के साथ आर्ष गुरुकुल मिथिला क्षेत्र की स्थापना हुई।